
जम्मू-कश्मीर के सीमा जिले राजौरी के बधाल गांव में एक रहस्यमय बीमारी फैल गई है। अब तक तीन परिवारों के 11 बच्चों सहित 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इन मौतों का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतकों के सैंपल में न्यूरोटॉक्सिन्स पाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
रविवार को एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत
रविवार को मोहम्मद असलम के दो बच्चे, जहूर अहमद (14) और नबीना अख्तर (5), इस बीमारी से चल बसे। सोमवार को मोहम्मद यूसुफ (65) और मोहम्मद मारूफ (10) की मौत हो गई। आज 6 वर्षीय सफीना कौसर ने जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल में दम तोड़ दिया।
सबसे पहले 7 दिसंबर को हुई थी मौतें
रहस्यमय बीमारी से पहली मौतें 7 दिसंबर, 2024 को हुईं, जब एक परिवार के मुखिया सहित पांच सदस्यों की जान चली गई। इसके बाद 12 दिसंबर को तीन बच्चों की मौत हो गई। मृतकों में बुखार, पसीना आना, उल्टी, डिहाइड्रेशन और होश खोने जैसे लक्षण देखे गए।
गांव में दहशत, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
करीब 5,700 की आबादी वाले इस गांव में दहशत का माहौल है। राजौरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मनोहर लाल ने बताया कि बीमारी से अब तक 11 बच्चे और 3 वयस्कों की मौत हो चुकी है। यह बीमारी मुख्य रूप से तीन परस्पर जुड़े परिवारों को प्रभावित कर रही है, जिन्होंने एक ही प्रकार का भोजन किया था।
विशेषज्ञ जांच में जुटे, कई एजेंसियां शामिल
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू के प्रिंसिपल डॉ. अशुतोष गुप्ता ने बताया कि इस बीमारी के कारण का पता लगाने के लिए कई एंगल से जांच की जा रही है। राष्ट्रीय संस्थान, जैसे पुणे का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पीजीआई चंडीगढ़, एनसीडीसी दिल्ली और चेन्नई का एपिडेमियोलॉजी सेंटर जांच कर रहे हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया, “यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है। यह एक स्थानीय घटना प्रतीत होती है, जिसमें एपिडेमियोलॉजिकल लिंक हो सकता है।”
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग कर रहे गहन जांच
स्वास्थ्य विभाग ने 12,000 से अधिक टेस्ट किए हैं। पुलिस भी इसमें फाउल प्ले की संभावना को खारिज करने के लिए जांच कर रही है। मुख्यमंत्री अटल दुल्लू ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे जांच को जल्द अंजाम तक पहुंचाएं।
मंत्री साकीना मसूद ने दिया बयान
जम्मू-कश्मीर की मंत्री साकीना मसूद ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य विभाग ने 3,500 लोगों की जांच की, एंबुलेंस और मास्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराईं। भोजन और पानी के सभी सैंपल नेगेटिव पाए गए। यह घटना केवल तीन परिवारों तक सीमित है। अब यह जांच का विषय है।”
जल्द सामने आएगा कारण
अधिकारियों ने त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती, पानी और भोजन के सैंपल की जांच, और प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों की मदद से इस बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। मृतकों के सैंपल में मिले न्यूरोटॉक्सिन्स की जांच जारी है।