
Rahul Gandhi के बयान पर बीजेपी का तीखा पलटवार.
बीजेपी ने कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष सिर्फ बीजेपी ही नहीं, बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ भी लड़ाई लड़ रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस पर कहा कि कांग्रेस का “कड़वा सच” अब पूरी तरह उजागर हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी से सवाल किया कि अगर वे विपक्ष को राज्य के खिलाफ लड़ाई में मानते हैं, तो वे संविधान की प्रति लेकर क्यों चलते हैं।
कांग्रेस मुख्यालय उद्घाटन पर राहुल गांधी का बीजेपी-आरएसएस पर निशाना
दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने बीजेपी और उसकी वैचारिक संस्था आरएसएस पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा,
“हमारी विचारधारा, आरएसएस की विचारधारा की तरह हजारों साल पुरानी है। यह विचारधारा आरएसएस से हजारों सालों से लड़ती आई है। यह लड़ाई निष्पक्ष नहीं है। अगर आपको लगता है कि हम सिर्फ बीजेपी या आरएसएस से लड़ रहे हैं, तो आप इसे सही ढंग से नहीं समझ रहे। बीजेपी और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब यह लड़ाई सिर्फ इनसे नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से भी है।”
जेपी नड्डा ने कहा, “कांग्रेस का सच सामने आया”
राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने “एक्स” पर लिखा,
“कांग्रेस का कड़वा सच अब उनके नेता ने खुद उजागर कर दिया है। मैं राहुल गांधी को इस बात के लिए ‘बधाई’ देता हूं कि उन्होंने स्पष्ट कर दिया, जो देश पहले से जानता था – कि वह भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा,
“राहुल गांधी और उनकी व्यवस्था के शहरी नक्सलियों और गहरे राज्य से करीबी संबंध छिपे नहीं हैं। ये ताकतें भारत को बदनाम और विभाजित करना चाहती हैं। उनके हर कदम ने इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने भारत को तोड़ने और समाज को बांटने की कोशिश की है।”
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सत्ता की लालसा के कारण कांग्रेस ने हमेशा देश की अखंडता को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा,
“कांग्रेस का इतिहास उन ताकतों को समर्थन देने का है, जो भारत को कमजोर देखना चाहती हैं। लेकिन भारत की जनता ने यह तय कर लिया है कि वे राहुल गांधी और उनकी विचारधारा को हमेशा खारिज करेंगे।”
“आरएसएस प्रमुख का बयान देशद्रोह”
राहुल गांधी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान पर भी तीखा हमला किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत को “सच्ची स्वतंत्रता” राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के बाद मिली। राहुल गांधी ने इसे “देशद्रोह” करार देते हुए कहा कि अगर यह बयान किसी अन्य देश में दिया गया होता, तो भागवत को गिरफ्तार कर उन पर मुकदमा चलाया जाता।
उन्होंने कहा, “मोहन भागवत को यह कहने का साहस है कि स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के बारे में हर दो-तीन दिन में कुछ बोलते हैं। उनका यह बयान संविधान को अमान्य ठहराता है और स्वतंत्रता संग्राम को निरर्थक बताता है। किसी अन्य देश में, ऐसे बयान के लिए उन्हें गिरफ्तार किया जाता।”
वित्त मंत्री का तीखा बयान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
“जो नेता संविधान की शपथ लेकर विपक्ष के नेता बने हैं, वह अब कह रहे हैं कि वह भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। यह उनकी मंशा को स्पष्ट करता है।”