
बिजनौर: नगीना लोकसभा सांसद चंद्रशेखर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में चंद्रशेखर खुद तो कीचड़ भरी सड़क पर चल रहे हैं, साथ ही अधिकारियों को भी उस सड़क पर चलने को मजबूर कर रहे हैं। इस घटना के पीछे की वजह बेहद खास है।
दरअसल, सराय इम्मा गांव के निवासियों ने शिकायत की थी कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी खराब सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही। इसके बाद सांसद चंद्रशेखर ने खुद गांव पहुंचकर समस्या का जायजा लिया। उन्होंने पहले सरकारी अधिकारियों को कीचड़ भरी सड़क पर चलवाया और फिर मौके पर ही 15 दिन के अंदर सड़क की मरम्मत का निर्देश दिया।
गांव में लगाया गया समस्याओं का कैंप
सांसद चंद्रशेखर ने गांव की समस्याओं को समझने के लिए सराय इम्मा में एक कैंप लगाया। इस दौरान ग्रामीणों ने खराब सड़कों की समस्या को सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने रखा। जब सांसद ने अधिकारियों से इस बारे में सवाल किया, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद सांसद ने खुद अधिकारियों के साथ सड़कों का निरीक्षण किया।
“जनता का दर्द समझें अधिकारी” – चंद्रशेखर
सांसद ने कहा, “मैंने अधिकारियों को खुद कीचड़ भरी सड़कों पर चलवाया ताकि वे महसूस कर सकें कि जनता को किस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मैंने खुद भी उन सड़कों पर चलकर यह अनुभव किया। मैंने अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया है। अगर काम तय समय पर पूरा नहीं हुआ, तो और बड़े अधिकारियों को बुलाकर यहां फिर से परेड कराई जाएगी।”
“सरकार को जनता की समस्याओं का संज्ञान लेना चाहिए”
सांसद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने उन्हें बहुमत दिया है, इसलिए बेहतर काम होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अपनी निधि से जितना संभव हो सका, उतने काम करवाए हैं। हालांकि, संसदीय क्षेत्र बड़ा होने के कारण अभी भी कई काम लंबित हैं।
15 दिन में नहीं बनी सड़क तो फिर होगी परेड
सांसद चंद्रशेखर ने साफ कर दिया है कि अगर 15 दिन के भीतर सड़कों की मरम्मत नहीं हुई, तो एक बार फिर से ऐसी परेड निकाली जाएगी। इस बार इसमें बड़े अधिकारियों को भी शामिल किया जाएगा।
यह घटना जहां ग्रामीणों के लिए राहत का संकेत है, वहीं अधिकारियों के लिए एक सख्त चेतावनी। सड़कें सुधारने की जिम्मेदारी अब प्रशासन पर है। आखिरकार, टूटी सड़कों का दर्द सबसे ज्यादा जनता को ही सहना पड़ता है।
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