
नई दिल्ली। भारत सरकार ने चुनाव आयोग के नए प्रमुख के तौर पर ग्यानेश कुमार की नियुक्ति की है। वह 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) का कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक रहेगा। ग्यानेश कुमार की नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति की बैठक में की गई। हालांकि, कांग्रेस ने इस नियुक्ति को लेकर आपत्ति जताई है और इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया है।
कौन हैं ग्यानेश कुमार?
ग्यानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके बाद उन्होंने आईसीएफएआई से बिजनेस फाइनेंस और अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एनवायरनमेंटल इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की है।
उन्होंने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान केंद्र और राज्य, दोनों स्तरों पर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। केरल में वह एर्नाकुलम में असिस्टेंट कलेक्टर, अडूर के सब कलेक्टर, कोच्चि के म्यूनिसिपल कमिश्नर जैसे पदों पर रहे। इसके अलावा वह राज्य सरकार में वित्त, लोक निर्माण और फास्ट ट्रैक प्रोजेक्ट्स जैसे विभागों के सचिव भी रहे हैं।
केंद्र सरकार में ग्यानेश कुमार ने गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय में अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। गृह मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले को अमल में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2024 में उन्हें चुनाव आयुक्त बनाया गया था और अब वे मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नियुक्त हुए हैं।
ग्यानेश कुमार की नियुक्ति पर कांग्रेस का विरोध
ग्यानेश कुमार की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। कांग्रेस ने इस नियुक्ति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था, लेकिन उसने जल्दबाजी में यह नियुक्ति की है।
केसी वेणुगोपाल ने कहा, “सरकार इस नियुक्ति के जरिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी से बचना चाहती है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।” कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस नियुक्ति प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को अदालत की सुनवाई के फैसले तक इंतजार करना चाहिए था।
ग्यानेश कुमार के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां
ग्यानेश कुमार के कार्यकाल में कई बड़े चुनाव होंगे। इस साल बिहार विधानसभा चुनाव होंगे। 2026 में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव होंगे। इसके अलावा, 2029 का लोकसभा चुनाव भी ग्यानेश कुमार की निगरानी में ही कराया जाएगा।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर विपक्षी दल अक्सर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में ग्यानेश कुमार पर यह जिम्मेदारी होगी कि वह चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखें। खासकर 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई बार सवाल खड़े किए थे।
सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
इस नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 19 फरवरी को सुनवाई होनी है। यह सुनवाई चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को इस सुनवाई के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। अब देखना होगा कि कोर्ट इस मामले में क्या फैसला देता है।
क्या है नया कानून?
गौरतलब है कि हाल ही में चुनाव आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर नया कानून बनाया गया है। पहले नियुक्ति प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी शामिल होते थे, लेकिन नए कानून के तहत अब प्रधानमंत्री, कानून मंत्री और लोकसभा में नेता विपक्ष की समिति इस नियुक्ति का फैसला करती है। विपक्ष इसी बदलाव को लेकर नाराज है और इसे निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाला कदम बता रहा है।
विपक्ष के आरोपों के बीच ग्यानेश कुमार की नियुक्ति पर देशभर की नजरें टिकी हैं। आने वाले चुनावों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे चुनाव आयोग की साख को किस तरह बनाए रखते हैं।
(रिपोर्ट: न्यूज डेस्क)