
नई दिल्ली: नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) पर दो दिन पहले हुई भगदड़ में 18 लोगों की मौत और दर्जनों लोगों के घायल होने के बाद रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक, अगले एक हफ्ते के लिए रोक लगा दी गई है। इस कदम का मकसद स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना है।
रेलवे प्रशासन ने बताया कि भीड़ प्रबंधन के लिए सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है।
हादसे के पीछे क्या कारण रहे?
घटना के संबंध में रेलवे पुलिस उपायुक्त केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि प्रयागराज एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर राजधानी ट्रेनों के लेट होने के कारण, प्लेटफॉर्म नंबर 12, 13 और 14 पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
उन्होंने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि हर घंटे करीब 1500 जनरल टिकट बिक रहे थे, जिसकी वजह से भीड़ काबू से बाहर हो गई। इसी बीच भगदड़ मच गई।”
रात करीब 9:55 बजे घटना की सूचना पर चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घायलों को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (LNJP) में भर्ती कराया गया।
मुआवजे का ऐलान
रेल मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।
गंभीर रूप से घायलों को 2.5 लाख रुपये और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।
जांच कमेटी गठित
घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। जांच टीम ने स्टेशन के CCTV फुटेज जब्त कर लिए हैं और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पत्रकारों के साथ बदसलूकी के आरोप
हादसे के बाद एक नया विवाद सामने आया है।
महिला पत्रकार सौम्या राज ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि रेलवे पुलिस ने उनका मोबाइल जब्त करने और डेटा डिलीट करने की धमकी दी।
उन्होंने कहा, “मुझे हिरासत में लेने की धमकी दी गई ताकि मैं अपने फोन का पासवर्ड दे दूं और स्टेशन पर भगदड़ की सच्चाई से जुड़ा डेटा डिलीट कर दूं।”
उन्होंने दावा किया कि प्रशासन मृतकों और घायलों का असली आंकड़ा छिपाने की कोशिश कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, एलएनजेपी अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि कोई भी पत्रकार अंदर जाकर तस्वीरें या वीडियो न बना सके।
प्लेटफॉर्म टिकट पर रोक
इस घटना के बाद रेलवे ने 5 फरवरी से 11 फरवरी तक, हर दिन शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।
रेलवे ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और संयम बरतने की अपील की है।
सुरक्षा बढ़ाई गई
स्टेशन पर GRP और RPF की अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही, भीड़भाड़ वाले समय में स्टाफ की संख्या बढ़ा दी गई है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन पर लगातार अनाउंसमेंट की जा रही है, ताकि लोग धैर्य बनाए रखें।
जनता में गुस्सा, जवाबदेही तय करने की मांग
इस घटना के बाद यात्रियों और स्थानीय लोगों में गुस्सा है।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं।
कई लोगों ने मांग की है कि इस हादसे की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए*।
रेलवे की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि *स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी न फैलाएं।
साथ ही कहा है कि सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।